-
529
छात्र -
502
छात्राएं -
35
कर्मचारीशैक्षिक: 32
गैर-शैक्षिक: 3
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

केन्द्रीय विद्यालय राऊरकेला ,सेक्टर-6 ,भुवनेश्वर संभाग
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय राउरकेला ने 1984 में कक्षा I से XII के लिए एक स्थायी भवन में काम करना शुरू कर दिया है।
विद्यालय रेलवे स्टेशन, राउरकेला से लगभग 7 किमी दूर है। यह 2 सेक्शन का स्कूल है
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
राउरकेला स्टील प्लांट, राउरकेला के कर्मचारियों और रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, प्रत्येक छात्र जाति, पंथ या धर्म की परवाह किए बिना ....
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
सभी छात्रों को शैक्षणिक उपलब्धि के उच्चतम स्तर तक शिक्षित करना, उन्हें अपनी क्षमता तक पहुंचने और विस्तार करने में सक्षम बनाना, और उन्हें समाज के उत्पादक...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री सरदार सिंह चौहान
उप आयुक्त
उपायुक्त का संदेश तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम ।। – श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वह कर्म है और जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म तो परिश्रम स्वरूप है तथा अन्य विधायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि -मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ , दुराचरण, निर्बलता , दीनता व हीनता ,रोग-शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्री विष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य हमें यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए | विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होती है इसीलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है| आइये , हम सभी अनुशासित होकर, समर्पित भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें| अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप मे प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें | हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं :- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु , सह वीर्यम करवावहै | तेजस्वि नावधीतमत्सु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये , इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें | मैं , भुवनेश्वर संभाग के समस्त अधिकारियों , प्राचार्यों , शिक्षकों , विद्यार्थियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ और सभी के लिए सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ |
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श्री सुजीत रॉय
प्राचार्य
शिक्षा मनुष्य में पहले से मौजूद पूर्णता की अभिव्यक्ति है”, स्वामी विवेकानन्द ने कहा था। मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमारे विद्यालय में प्रत्येक बच्चे को एक संपूर्ण इंसान और हमारे प्यारे राष्ट्र का एक अच्छा नागरिक बनाने के लिए लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों का पोषण करना और स्वस्थ शरीर में स्वस्थ दिमाग प्रदान करना। विद्यालय और केवीएस समग्र रूप से गतिशील नागरिक तैयार करने के लिए परिश्रमपूर्वक प्रयास कर रहे हैं, जो अपने भविष्य के प्रयास में काफी सफल होंगे। बच्चे केवल जानकारी देने के लिए नहीं बल्कि रूपांतरित होने के लिए आ रहे हैं। आइए हम सब मिलकर हाथ मिलाएं और विश्व की शक्तिशाली मानव पूंजी के साथ अपने राष्ट्र के निर्माण में मदद करें। विद्यालय और केवीएस एक मजबूत, जीवंत और समग्र स्कूली शिक्षा की कल्पना करते हैं जो मानव प्रयास के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्रदान करेगी। विद्यालय अपने शिक्षार्थियों के बीच बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। “शिक्षा संस्कृति का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में परिवर्तन है।” यह सीखने की प्रक्रिया और माहौल विकसित करने की दिशा में काम करता है, जो भावी नागरिकों को उभरते ज्ञान समाज में वैश्विक नेता बनने के लिए सशक्त बनाता है। विद्यालय शिक्षार्थियों के समग्र विकास पर जोर देने के साथ सतत और व्यापक मूल्यांकन की वकालत करता है। यह विद्यालय एक तनाव-मुक्त शिक्षण वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो सक्षम, आत्मविश्वासी और उद्यमशील नागरिकों का विकास करेगा जो सद्भाव और शांति को बढ़ावा देंगे।
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केवी राउरकेला पीएम श्री स्कूल नहीं है
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क्षेत्रीय खेल प्रतियोगिता में नृत्य प्रस्तुति
और पढ़ेंहमारे विद्यालय के टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
१० वीं कक्षा
१२ वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष : 2025-26
उपस्थित-87 ,उत्तीर्ण -87
वर्ष : 2024-25
उपस्थित-76 ,उत्तीर्ण -73
वर्ष : 2023-24
उपस्थित-78 ,उत्तीर्ण -77
वर्ष : 2022-23
उपस्थित- 90, उत्तीर्ण - 90
वर्ष: 2021-22
उपस्थित -90, उत्तीर्ण - 88
वर्ष : 2025-26
उपस्थित- 28 , उत्तीर्ण- 27
वर्ष : 2024-25
उपस्थित-36 ,उत्तीर्ण -33
वर्ष : 2023-24
उपस्थित- 41, उत्तीर्ण - 39
वर्ष : 2022-23
उपस्थित-45 , उत्तीर्ण - 45
वर्ष : 2021-22
उपस्थित- 44, उत्तीर्ण - 43